मंदिरों को मुक्त कर धर्मांतरण व गौ तस्करी कानूनों को कठोर बनाए हिमाचल सरकार
प्रेस वक्तव्य :
शिमला (हिमाचल प्रदेश ) 30 अप्रैल, 2026. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज अपने एक दिवसीय हिमाचल प्रवास के दौरान शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर कहा कि भारत एक पंथ-निरपेक्ष देश है। यहाँ के किसी गुरूद्वारे, मस्जिद, चर्च, बुद्ध विहार और जैन स्थानकों का संचालन कोई सरकार नहीं करती है किंतु दुर्भाग्य से हिमाचल सरकार ने हिन्दू समाज के सबसे बड़े 37 मंदिरों को अपने अधिकार में रखा हुआ है। अब समय आ गया है कि वह उन सभी बड़े मंदिरों का संचालन भी हिंदू समाज को सौंपे। साथ ही राज्य धर्मांतरण व गौ तस्करी पर भी कठोर प्रहार जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों को हिमाचल प्रदेश हिन्दू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1984 के अंतर्गत एक कमिश्नर देखता है। वही, इन मंदिरों के न्यासियों को अपनी सुविधा अनुसार नामांकित करता है। जिससे मंदिर सरकार के हस्तक्षेप को झेलते हैं और इनके धार्मिक नेतृत्व को अपने धर्म स्थान के बारे में निर्णय लेना का कोई अधिकार नहीं है। सरकार इन मंदिरों के न्यासियों पर दवाब ड़ाल कर उनके चढ़ावे का एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा किए जाने वाले सेक्युलर कार्यों के लिए खर्च करती आई है, जिस कारण से इस विषय पर प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष लगभग 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा हिंदुओं के धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कल्याण, मंदिर विकास, लंगर, सेवा इत्यादि के लिए दिया जाता है। स्मरण रहे कि यह हिन्दुओं व सनातन मूल्यों में आस्था रखने वालों का पैसा है जिसे श्रद्धापूर्वक भक्तों ने भगवान के लिए समर्पित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिन्दू पैसे का उपयोग हिन्दू कामों के लिए व हिन्दू समाज के द्वारा ही किया जाना चाहिए। सरकार इस कार्य से दूर रहे। विश्व हिन्दू परिषद यह मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश की सरकार हिन्दू मंदिरों का संचालन वापिस हिन्दू समाज को सौंप दे। लैंड जिहाद: विश्व हिन्दू परिषद् देव भूमि हिमाचल में बढ़ रहे लैंड जिहाद पर भी चिंता व्यक्त करती है। सरकारी भूमि पर कब्ज़ा, उस पर मजारों जैसे अवैध निर्माण तथा मजहबी नाम पर कब्ज़ाई संपत्तियों का रिहायशी और व्यवसायिक कामों के लिए बढ़ते अवैध प्रयोग चिंताजनक हैं। इन सब पर भी पूर्ण विराम आवश्यक है। संजोली, मंडी तथा अन्य स्थानों पर अवैध मस्जिद इसका एक बड़ा उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश सरकार को इस विषय में अविलंब कार्यवाही करनी चाहिए। *लव जिहाद व धर्मांतरण:* उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में बढ़ती लव जिहाद की घटनाएं हिंदू समाज को तोड़ने तथा जनसांख्यिकी असंतुलन के गहरे षडयंत्र हैं। जिससे हिन्दू समाज में असुरक्षा तथा गहरा आक्रोश व्याप्त है। लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण से देव संस्कृति को समाप्त करने के षडयंत्र रचे जा रहे हैं। फिर भी प्रदेश सरकार द्वारा अपेक्षित गंभीरता के अभाव में अनेक स्थानों पर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई है। संजौली, शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, इंदौरा, नूरपुर, नेरवा, नालागढ़, बिलासपुर सहित हिमाचल के सभी जिलों से इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य सरकार धर्मांतरण कानून को कठोर बना कर उसके पालन में तत्परता दिखाए तथा हिंदू नारी की रक्षा व स्वाभिमान की ओर भी कदम बढ़ाए। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार व प्रशासन अभी भी उपरोक्त विषयों पर कड़ा रुख नहीं अपनाती है, तो हिंदू समाज राज्य की देव संस्कृति की रक्षार्थ जन आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
Video URL : https://youtu.be/oC7S2nBIrKQ?si=-qU40WFBAudzv0Rj
